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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कहा- गाली-गलौज लोकतंत्र के लिए सही नहीं

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Bengaluru, 30 अगस्त . Union Minister किरेन रिजिजू ने Prime Minister Narendra Modi के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कुछ सांसदों समेत विपक्ष के कुछ लोगों ने गाली-गलौज का सहारा लिया है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है.

बिहार में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान Prime Minister मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था.

इसी तरह, टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने पिछले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की. इस पर जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है. भाजपा और एनडीए कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करती है.”

Bengaluru में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए Union Minister ने आगे कहा, “हम बहुत लोकतांत्रिक हैं और हमेशा सम्मान के साथ बोलते हैं, लेकिन राहुल गांधी और कुछ सांसदों समेत विपक्ष के कुछ लोगों ने गाली-गलौज का सहारा लिया है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है.”

इस दौरान, किरेन रिजिजू ने कुछ रिटायर्ड जजों के हस्ताक्षर अभियान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने कहा, “उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. कुछ रिटायर्ड जजों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया और केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ टिप्पणियां कीं. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ लिखा है, यह ठीक नहीं है. यह उपराष्ट्रपति का चुनाव है, एक राजनीतिक मामला है. रिटायर्ड जजों को इसमें क्यों शामिल होना चाहिए?”

Union Minister रिजिजू ने सवाल उठाते हुए आगे कहा, “इससे लगता है कि जब वे न्यायाधीश थे, तो उनकी विचारधारा अलग रही होगी.” उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखना और हस्ताक्षर अभियान चलाना ठीक नहीं है.

आपराधिक आरोपों में फंसे Prime Minister और मुख्यमंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर भी Union Minister किरेन रिजिजू ने जवाब दिया. विपक्ष के विरोध पर उन्होंने कहा, “इसका मतलब आपने (विपक्ष) चोरी की है, जिससे कह रहे हैं कि जेल जाना पड़ेगा.” रिजिजू ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर भ्रष्टाचार नहीं किया है तो कोर्ट से जमानत मिल जाएगी. देश में अदालत है और उस पर भरोसा होना चाहिए.

डीसीएच/एबीएम

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